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Bed Time

सोने का समय

हर साल शिशुओं और बच्चों को अपने सोने के कमरे में हुई दुर्घटना के परिणाम स्वरूप गंभीर चोट लगती है या यहाँ तक कि उनकी मृत्यु भी हो जाती है। लेकिन ऐसा होने से रोकना संभव है।

कुछ सरल कदम उठाकर आप सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपके बच्चे का सोने का कमरा एक सुरक्षित परिवेश है, यानी कि आप थो़डा और चैन से सो सकते हैं...तब भी अगर यह एक साथ एक या दो घंटे के लिए ही हो!

 

निगरानी महत्वपूर्ण तो है, लेकिन हम जानते हैं, दिन के 24 घंटे अपने बच्चों की निगरानी करना असंभव है। सौभाग्य से, ऐसे कुछ सरल कदम हैं जो अपने बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए हम सभी उठा सकते हैं:

  • सुनिश्चित करें कि मेज़ के ड्रॉअर और शेल्फ वाली इकाइयाँ दीवार पर अच्छी तरह से स्थिर हों, क्योंकि बड़ा, भारी फर्नीचर अगर किसी छोटे बच्चे पर गिरे तो उसे गंभीर चोट लग सकती है या फिर उसकी मृत्यु भी हो सकती है। याद रखिए, चाहे वह स्वयं अभी खुद को ऊँचा न उठा पा रहे हों या चीज़ो पर चढ़ न पा रहे हों तब भी वह जल्दी ही ऐसा करने लगेंगे। पहले से योजना बनाना ही सबसे अच्छा है।
  • शिशु कई अज़ीब चीज़ों का उपयोग सीढ़ी के रूप में कर सकते हैं। खिड़कियों के पास फर्नीचर रख कर इसे उनके लिए आसान न बनाएं। ऊपर वाली मंज़िल की सभी खिड़कियों पर ताला होना चाहिए, या फिर उससे भी बेहतर (क्योंकि आग लगने पर बच निकलने में ताला बाधारूप हो सकता है), एक रिस्ट्रिक्टर जो खिड़की को ताज़ा हवा आने जितना खुलने देता है; पर बच्चे को बाहर जाने देने जितना नहीं।
  • जैसा कि लिआ की कहानी दुखद रूप से दिखाती है, बच्चे आसानी से पर्दों की लटकती हुई डोरियों में उलझ सकते हैं, जिससे उनका दम घुट सकता है, और संभवतः उनकी मृत्यु हो सकती है। श्रेष्ठ सलाह यह है कि किसी बच्चे के सोने के कमरे में, फंदे वाली डोरी का उपयोग न करें। अगर आपके घर में किसी और स्थान पर डोरी वाले पर्दे हों, तो डोरियों को मोड़ कर ऊपर कर लें और उन्हें किसी “क्लीट” (बाँधने वाली धातु या लकड़ी की पट्टी) का उपयोग करते हुए (बच्चे की) पहुँच से बाहर रखें।
  • अगर आपके बच्चे की आयु 24 माह से कम है, तो सीढ़ियों के निचले और ऊपरी हिस्से में सुरक्षा द्वार (सेफ्टी गेट) लगवाएं ताकि वह सीढ़ियों तक न पहुँच पाए। अपनी सीढ़ियों पर चीज़ों को गिरा पड़ा न रहने दें।
  • प्लास्टिक की अन्य थैलियों की तरह नैपी सैक जोखिमकारी हो सकता है। यह शिशु के सिर पर फिट न बैठे ऐसा हो सकता है, लेकन अगर यह उनके मुँह और नाक के ऊपर चला जाए, तो बच्चे के लिए साँस लेना मुश्किल हो सकता है। अगर आपकी उनका उपयोग करने की योजना है, तो उनके लिए एक ऐसा स्थान खोजें, जहाँ पर बच्चा पहुँच न पाए।
  • अगर आपके बच्चे के कमरे में कालीन है, तो उसके नीचे वाले हिस्से को टेप लगा देने से उसे गिरने से बचाया जा सकता है।
  • सोने का समय बीमार बच्चों के लिए दवा लेने का समय भी हो सकता है। इन्हें काम हो जाने के बाद ताला बंद कर के रखें - तब भी अगर उस पर बच्चा खोल न पाए ऐसा ढक्कन (चाइल्ड रेज़िस्टंट कैप) हो।

कोई यह सोचना पसंद नहीं करता कि वह अपने शिशु को जिस पलंग में सुला रहे हैं, उससे उसे जोखिम हो सकता है, लेकिन खास कर पुराने पलंग से, संभवतः वह वही करते हैं। सौभाग्य से, पलंग चुनने और अपने शिशु का कमरा तैयार करने के समय कुछ सरल चीज़ें याद रखी जानी चाहिए।

  • शिशुओं के पलंग को सॉफ्ट टॉइज़, कॉट बंपर और नरम, मुड़ने लायक गद्दों से मुक्त रखें। यह शिशु के चेहरे के आसपास बंध सकते हैं और उससे दम घुट सकता है।
  • कॉट के लिए एक नया गद्दा खरीदें, या - अगर आप पहले उपयोग किया गया गद्दा उपयोग कर रहे हैं - तो ध्यान से जाँच लें कि यह साफ है और उसमें कहीं दरार नहीं या यह कहीं से फटा नहीं है। यह चुस्त फिट बैठना चाहिए और कोई खाली स्थान नहीं रहना चाहिए।
  • ऐसा पलंग चुनें जो ब्रिटिश सुरक्षा मानक (BSEN716) को पूरा करता हो, क्योंकि इसे दम घुटने और गला घुटने से होने वाली अकस्मात मृत्यु को कम करने के लिए बनाया गया होगा।
  • चारों तरफ छड़ लगे हो ऐसे पलंग में हवा की आवाजाही आसानी से हो सकती है। छड़ लंबवत् होने चाहिए। अगर यह क्षैतिज हों, तो हो सकता है आपका शिशु उनका उपयोग सीढ़ियों के रूप में कर के बाहर निकल आए। यह एक-दूसरे से अधिकतम 6.5 सेमी दूर होने चाहिए, ताकि आपका शिशु इनमें फँस न जाए।
  • अगर आप पहले उपयोग किए जा चुके पलंग उपयोग करने का इरादा रखते हैं, तो सावधान रहें। 1973 से पहले के पलंग पर सीसा आधारित रंग लगा हो सकता है। अगर उसमें एक बाजू गिराने का मैकेनिज़्म हो (पलंग को चारों ओर से बंद करने के लिए), तो जाँच लें कि यह ठीक से काम कर रहा हो। ऐसे किसी पुराने स्टिकर या सजावट के लिए भी सजग रहें जो लूज़ हो गया हो और दम घुटने का जोखिम बन जाए।
  • शिशु अपने तापमान को नियंत्रित करने में कम सक्षम होते हैं, इसलिए पलंग रेडियेटर के करीब या धूप आती हो ऐसी खिड़की के करीब नहीं होना चाहिए।
  • सुनिश्चित करें कि आपका बच्चा पलंग, बिस्तर या आप जो भी अन्य नींद के लिए प्रोडक्ट उपयोग करना चाहते हैं उसके लिए सही आयु का हो। बच्चों के 2-इन-1 (संयोजन) पोर्टेबल एयरबेड/स्लीपिंग बैग जिनका अक्सर छुट्टियों के लिए विज्ञापन किया जाता है, शिशुओं के लिए उपयुक्त नहीं हैं, क्योंकि उन से दम घुटने का डर रहता है। हमेशा लेबल जाँचें और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें।

हर साल हम सुनते हैं दर्दनाक कहानियाँ उन शिशुओं की जिनका अपने बिस्तर में दम घुट गया। फिर भी ऐसी भयंकर दुर्घटनाएं होना अनिवार्य नहीं है। जब हमारे बच्चे को सुलाने की बात आती है, तब हम अपने बच्चे सुरक्षित हैं यह सुनिश्चित करने के लिए कुछ सरल कदम उठा सकते हैं। इस तरह से, हम रात को अधिक चैन की नींद सो सकते हैं।

  • शिशुओं को पलंग के नीचे वाले हिस्से में रखने से (ताकि उनके पैर किनारे को छुएं) उन्हें नीचे की ओर छटपटाने और गद्दों में दम घुटने से बचाया जा सकता है।
  • कॉट बम्पर फायदे से नुकसान ज्यादा करते हैं। रिबन ना केवल बच्चों का दम घोंट सकते हैं, बल्कि बच्चे बम्पर का उपयोग पलंग से बाहर आने के लिए कर सकते हैं। कुल-मिलाकर आपके पास यह न होना ही बेहतर है।
  • 12 महीने से कम आयु के बच्चे के लिए कभी तकिया उपयोग न करें, इसका शिशु को कोई फायदा नहीं होता और उससे दम घुट सकता है।
 

"He’s too young to be left on his own so we’re always with him... until he’s finally in bed.”

Owen, Alden’s Dad
  • हालाँकि हम जानते हैं कि पूरा समय बच्चे पर नज़र रखना संभव नहीं है, आपको कभी भी शिशु को किसी ऊँची सतह, जैसे कि बिस्तर पर अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। लुढ़क कर गिरने में एक ही पल लगता है, और परिणाम भयानक हो सकते हैं।
  • इलेक्ट्रिक कंबल या गरम पानी वाली बोतल बच्चे को नुकसान पहुँचा सकती है। अगर आपको यह चिंता हो कि पलंग बहुत ठंडा होगा, आप किसी ऐसे कंबल या बोतल का उपयोग कर सकते हैं जो शिशु पलंग पर जाए उससे पहले हटा लिए जाएं।
  • जिन शिशुओं को अत्यधिक गरमी मिले उन्हें SIDS (सडन इनफंट डेथ सिन्ड्रोम - शिशु की अचानक मृत्यु) का अधिक जोखिम होता है। कमरा बहुत अधिक गरम होने या फिर बहुत अधिक गद्दे या कपड़ों के कारण उन्हें बहुत गरमी लग सकती है। कमरे का मानक तापमान 16 और 20ºC के बीच का है।
  • बच्चों को सोते समय सुरक्षित रखने का सबसे अच्छा तरीका है उन्हें अपने खुद के पलंग में सुलाना। जब वह मातापिता के साथ सोते हैं तो कुछ शिशुओं की मातापिता की वजह से अकस्मात दम घुटने से मृत्यु हो चुकी है। अगर आपने शराब पी हो, धूम्रपान किया हो या ड्रग्स ली हों, या फिर आपका शिशु समयपूर्व पैदा हुआ हो, तो यह जोखिम बढ़ जाता है।
  • दम घुटने के जोखिम के कारण 12 महीनों से कम आयु के बच्चों के लिए रुई या रोओं की रज़ाई के बदले कंबल या कम वज़न वाली स्लीपिंग बैग (जिसमें हुड न हो) का उपयोग करें।
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